महात्मा फुले के विचार आज भी समाज के लिए प्रेरणा – बैजयंती लहरे
Mahatma Jyotiba Phule’s Ideals Continue to Inspire Society – Baijyanti Lahre

36gadhnewasupadet सारंगढ़ । महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती के अवसर पर जिला महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष श्रीमती बैजयंती नंदू लहरे ने उन्हें पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि – महात्मा फुले का जीवन नैतिक साहस, आत्मचिंतन और समाज सेवा के प्रति अटूट समर्पण का प्रेरक उदाहरण है । उन्होंने कहा कि – महात्मा फुले को केवल उनके द्वारा स्थापित संस्थाओं या आंदोलनों के लिए ही नहीं, बल्कि समाज में जागृत किए गए आत्मविश्वास और आशा के लिए भी याद किया जाता है। उनके विचारों का व्यापक प्रभाव आज भी समाज में स्पष्टतः दिखाई देता है । श्रीमती लहरे ने बताया कि – 1827 में महाराष्ट्र के एक साधारण परिवार में जन्मे महात्मा फुले ने प्रारंभिक कठिनाइयों के बावजूद शिक्षा और समाज सेवा के मार्ग को कभी नहीं छोड़ा । 
फुले जी ने हमेशा यह संदेश दिया कि – व्यक्ति को हर परिस्थिति में मेहनत करते रहना चाहिए, ज्ञान अर्जित करना चाहिए और समस्याओं का समाधान खोजने का प्रयास करना चाहिए। महात्मा फुले के जीवन में शिक्षा एक प्रमुख मिशन था। उनका मानना था कि -ज्ञान किसी एक वर्ग की संपत्ति नहीं, बल्कि एक ऐसी शक्ति है जिसे सभी तक पहुंचना चाहिए जब समाज का बड़ा वर्ग शिक्षा से वंचित था, तब उन्होंने विशेष रूप से लड़कियों और वंचित वर्गों के लिए स्कूल खोले। फुले जी ने यह भी कहा था कि – बच्चों के संस्कारों में मां की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए शिक्षा की शुरुआत लड़कियों से होना आवश्यक है।फुले जी ने शिक्षा को सामाजिक न्याय और समानता का सशक्त माध्यम बनाया, जो आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक है ।


