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*जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक संपंन*



सारंगढ़ । जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक कलेक्टर डॉ संजय कन्नौजे के द्वारा लिया गया । कलेक्टर सर ने स्वास्थ्य विभाग में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा किए एवं निर्देशित किया गया कि – गर्भवती माताओं की पंजीयन प्रथम तिमाही में ही शत प्रतिशत होनी चाहिए ।स्वास्थ्य विभाग के मैदानी अमले इसे गंभीरता से लेंगे व कोई भी गर्भवती महिला पंजीयन के लिए न छुटे , पंजीयन पश्चात उनकी 4 बार जांच करनी है , जांच में गुण वत्ता होनी चाहिए इस जांच में तय कर लिए जाने है कि – कितने गर्भवती माताओं में जटिलता है , सभी जटिलता वाले गर्भवती माताओं के चिन्हांकन पश्चात उनकी जांच,  निगरानी  , परामर्श समय पर एवं सही तरीके से होना चाहिए । जटिलता वाले गर्भवती माताओं की जांच प्रत्येक माह के 9 तारीख एवं 24 तारीख को होने वाले प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान में जटिलता वाले माताओं के जांच काउंसलिंग चिकित्सकों के द्वारा होनी चाहिए ।  प्रसव होने की संभावित तिथि के पूर्व ही अनेकों बार जांच व परामर्श दिए जाए , प्रसव के उनकी 4 बार जांच अवश्य हो जाने चाहिए , प्रसव होने वाले माह में उनकी ट्रैकिंग करे पता करते रहे जटिल वाले गर्भवती माताओं की प्रसव सुरक्षित हो इसकी सम्पूर्ण तैयारियां पहले से ही करना है । जटिल वाले माताओं की ड्यू डेट के पहले ही सुरक्षित एवं व्यवस्थित अस्पतालों में भर्ती हो ,ज्ञजिससे किसी भी गर्भवती माताओं की मृत्यु प्रसव के पहले या प्रसव के दौरान या फिर प्रसव के पश्चात नहीं होना चाहिए  ।जननी शिशु स्वास्थ्य कार्य क्रम में इसकी व्यवस्था बनाई गई है कि – इनकी जांच , पौष्टिक भोजन ,परिवहन आदि की व्यवस्था है उपरोक सभी बिंदुओं की एक ही मंशा है कि – हमें मातृ मृत्यु को कम करना है मृत्यु नहीं होने देने है इसके लिए सभी BMO नियमित रूप से कार्यक्रम को बारीकी से देखे और समीक्षा करे किसी भी स्तर पर कोई कोताही बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे ।

विदित हो कि कलेक्टर सर ने सभी कर्मचारियों अधिकारी को कड़े शब्दों में निर्देशित किया है कि  सभी chc सक्रिय रहे ,सभी phc सक्रिय रहे chc में प्रति माह 30 से कम प्रसव होने पर उन्हें नोटिस दिए जाय वैसे ही ऐसे phc जहां 10 प्रसव से कम हो रहे है उन्हें भी नोटिस देने का निर्देश दिया गया तथा ऐसे shc जहां बिल्डिंग है ,महिला कर्मचारी पदस्थ है और वहां 3 प्रसव नहीं हो रहा हो उन्हें भी नोटिस देने का निर्देश दिया गया है  प्रसव उपरांत सभी बच्चो को सही समय पर सही टीका लगाए जाए एक भी बच्चा टीकाकरण से छूटना नहीं चाहिए । इसके लिए नियमित सत्र लगाए ड्यू लिस्ट बने , मितानिन के माध्यम से हितग्राहियों के माता पिता को टीकाकरण के दिन व समय को बताए जाए मितानिन के द्वारा एक एक बच्चे को बुलाया जाय एवं टीकाकरण किए जाते टीका की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन को मेंटेन रखे एक वर्ष के अंदर पूर्ण टीका एवं 2 वर्ष के भीतर संपूर्व टीका लग जानी चाहिए । स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के द्वारा सभी सेवाएं की विधिवत समस्त पोर्टल में इंट्री भी होनी चाहिए । अगली समीक्षा  पोर्टल से ही की जाएगी 6 माह से 5 वर्ष के सभी बच्चो को आयरन सिरप मिले एवं पालक उसे प्रति मंगलवार और शुक्रवार को बताई गई मात्रा के हिसाब से पिलाए मितानिन इसकी निगरानी करे घर घर जाकर परिजन से पूछे अगर आयरन सिरप नहीं पिलाए होंगे तो उसे प्रोत्साहित करे एवं दवा पिलाए 6 वर्ष से 10 वर्ष तक के बच्चे जो प्राइमरी स्कूल में पढ़ते है उन्हें भी आयरन गोली जो पिंक कलर की होती है मध्यान भोजन के पश्चात प्रति मंगलवार को नोडल शिक्षक के माध्यम से खिलाए जाने है तथा 10 वर्ष से ऊपर 19 वर्ष के बच्चो को भी आयरन गोली जो नीले रंग की होती है प्रत्येक मंगल वार को खिलाए जाने है ये इसलिए जरूरी है कि हमारे 6 माह से 5 वर्ष के बच्चे ,में रक्त अल्पता ( खून की कमी ) 67% है तथा 6 वर्ष से 10 वर्ष के बच्चे भी एनीमिक होते है यही नहीं 10 वर्ष से 19 वर्ष के बच्चे विशेष कर किशोरी बालिकाओं में रक्त अल्पता की दर 60 % से ज्यादा यदि हम बचपन में बच्चो की रक्त अल्पता को ठीक करेंगे तभी हम बच्चो के भविष्य को उज्जवल बना सकते है। 2 सप्ताह रखकर उसे सुपोषित किया जाता है बच्चो के साथ उनके मां साथ में रहती है उन्हें भी भोजन उपलब्ध कराई जाती है और उनके श्रम की नुकसान की भरपाई के लिए 150 रुपए प्रति दिन की हिसाब से 14 दिन की क्षति पूर्ति 2250 रुपए प्रदान की जाती है जिसे डीबीटी के माध्यम से प्रदाय होती है । बच्चोंके इस विशेष अभियान का एक ही मकसद है बच्चो की मृत्यु दर को कम करना है । कलेक्टर सर में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के अलावा चिरायु , टीबी, कुष्ठ , मलेरिया फाइलेरिया डेंगू, परिवार नियोजन , अंधत्व निवारण , सिकल सेल जांच अभियान , आदि की समीक्षा की गई इस अवसर पर सीईओ जिपं बर्मन, एसडीएम सारंगढ़ , एसडीएम बिलाईगढ़ , dpo महिला एवं बाल विकाश विभाग , समाज कल्याण विभाग के अधिकारी ,सभी बीएमओ , नोडल अधिकारी के साथ सिविल सर्जन , CMHO डॉ एफआर निराला एवं प्रभारी dpm नंद लाल इजारदार ने किया है

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