बक्सी मार्ग में आवारा कुत्तों के आतंक से नागरिक परेशान, जिलाधीश से शिकायत
00 आये दिन मोहल्ले वासियों एवं राहगीरों को खतरा बना रहता है
00 अब तक प्रशासन ने आवारा कुत्तों की धर पकड़ नहीं की है

खैरागढ़. संगीत नगरी खैरागढ़ के बक्सी मार्ग में आवारा कुत्तों के आतंक से स्थानीय नागरिक और राहगीर बहुत परेशान है और हताश होकर जागरुक लोगों ने केसीजी जिलाधीश चन्द्रकान्त वर्मा से इस गम्भीर समस्या से निजात दिलाने इसकी लिखित शिकायत मंगलवार 18 मार्च को जिलाधीश कार्यालय में की है. हमें मिली जानकारी अनुसार बख्शी मार्ग निवासी जागरुक नागरिकगण क्रमशः अनुराग मालवीय, आशीष मालवीय, अशोक सुराना, डॉ. साधना अग्रवाल, रेनू मालवीय, अक्षय अग्रवाल, आयुष गुप्ता, अश्वनी गुप्ता व रामवतार ने केसीजी जिलाधीश के नाम सौंपे लिखित आवेदन में बताया कि खैरागढ़ संगीत नगरी के बख्शी मार्ग में आवारा कुत्तों की लगातार बढ़ती संख्या से स्थानीय नागरिकों में बहुत ज्यादा भय और आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से बख्शी मार्ग के समीप अंजली ज्वेलर्स के पास की गली एवं मुख्य मार्ग पर 5-6 कुत्तों का झुंड हमेशा सक्रिय रहता है, जो राहगीरों, बच्चों और दो पहिया वाहन में सवार लोगों पर अचानक से हमला करने की कोशिश करते हैं और अचानक कुत्तों के हमले से वाहन चालक अक्सर अपना संतुलन खो बैठते हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में भी इज़ाफ़ा हो रहा हैं। जागरुक नागरिकों ने बताया कि स्कूल जाने वाले नौनिहाल बच्चे और बुजुर्ग भी इन आवारा कुत्तों के निशाने पर कभी भी आ जाते हैं, जिससे उनके परिजनों की चिंता भी बहुत बढ़ गई है और अचानक से आवारा कुत्तों के काटने से रेबीज जैसी घातक बीमारी के फैलने की आशंका भी बनी हुई है, जिससे गम्भीर रूप से स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है। इसलिए स्थानीय जागरूक नागरिकों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका से अपील की है कि आवारा कुत्तों की इस गम्भीर समस्या का शीघ्र समाधान निकाला जाये ताकि आम नागरिक और राहगीर इनके शिकार ना हो. सभी जागरूक नागरिकों ने केसीजी जिलाधीश चन्द्रकान्त वर्मा से मांग की है कि प्रशासन द्वारा अभियान चलाकर इन आवारा कुत्तों को पकड़कर उचित स्थान पर पुनर्वासित किया जाये ताकि बख्शी मार्ग सहित अन्य मोहल्ले के निवासियों को भी राहत मिल सके।
अमलीपारा और किल्लापारा में भी होता है आवारा कुत्तों का आतंक
पाठकों को बता दें कि अमलीपारा और किल्लापारा वार्ड में भी आवारा कुत्तों का आतंक रहता है और कई बार राहगीरों को खासकर रात के वक्त अचानक से आवारा कुत्तों का आतंक झेलना पड़ता है पर अब तक प्रशासन द्वारा इस समस्या के समाधान को लेकर कोई ठोस पहल नहीं की गई है जिसकी वजह से राहगीरों को कई बार आवारा कुत्तों की वजह से दो पहिया वाहन से गिरने से काफी चोट आ जाती है तो कई लोगों को आवारा कुत्तों का शिकार होकर अस्पताल में भर्ती होना भी पड़ता है.


