सच्चा सुख महलों में नहीं संतोष और प्रेम में है : पंडित त्रिपाठी

सारंगढ़। नगर पंचायत पवनी बाड़ा चौक में आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के छटवा दिन रुक्मणी विवाह प्रसग़पर कथा व्यास पंडित गुरु कुमार त्रिपाठी ने श्रद्धालुओं को कथा श्रवण कराते हुए कहा आत्मा से परमात्मा का मिलन ही रुक्मणी विवाह है और सच्चा सुख महलों में नहीं संतोष और प्रेम में है आगे उन्होंने बताया हनुमान जी ने समुद्र लांग कर असंभव कार्य को संभव किया वैसे ही दृढ संकल्प से मनुष्य अपने जीवन की बधाओं को पार कर सकता है धार्मिक आयोजन से समरसता और शांति का संचार होता सगुण और निर्गुण में कोई भेद नहीं है जिस तरह पानी का कोई आकार नहीं होता उसे जिस तरह के बर्तन में रखते हैं उसी आकार का बर्फ बन जाता है इस तरह भगवान का कोई रूप नहीं होता भक्ति जिस रूप में देखना चाहते हैं भगवान उसी रूप में प्रकट हो जाते हैं और भक्त को दर्शन देते हैं रुक्मणी विवाह की झांकी आकर्षण का केंद्र रहा भगवान की इस विवाह कार्यक्रम में श्रद्धालु झूम उठे रुक्मणी विवाह कथा से उपस्थित स्रोताओ को आनंदित किया इस कथा में पूर्व संसदीय सचिव चंद्रदेव राय नगर साहू संघ अध्यक्ष गोपाल साहू ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भागवत साहू शामिल हुए


