किसान बनकर पहुंचे कृषि अधिकारी, खाद की कालाबाजारी का किया भंडाफोड़
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750 रुपये की खाद 1800 रुपये में बेच रहा था व्यापारी, गोदाम सील कर 74 बोरी खाद जब्त…
खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध, किसानों से धोखाधड़ी करने वालों पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई…
रायगढ़, छत्तीसगढ़। 06 जून 2026
खरीफ सीजन के दौरान किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने कालाबाजारी करने वाले व्यापारियों के खिलाफ सख्त अभियान शुरू किया है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि विभाग द्वारा जिलेभर में लगातार निगरानी और औचक निरीक्षण किए जा रहे हैं। इसी क्रम में लैलूंगा विकासखंड में कृषि विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए खाद की कालाबाजारी का पर्दाफाश किया।
जानकारी के अनुसार, उप संचालक कृषि स्वयं किसान के रूप में खाद खरीदने के लिए लैलूंगा स्थित एक उर्वरक दुकान पहुंचे। जांच के दौरान पाया गया कि सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) खाद, जिसकी निर्धारित कीमत लगभग 750 रुपये प्रति बोरी है, उसे किसानों को 1800 रुपये प्रति बोरी की दर से बेचा जा रहा था। इस तरह प्रत्येक बोरी पर किसानों से एक हजार रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि वसूली जा रही थी।
शिकायत की पुष्टि होने पर कृषि विभाग ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मां दुर्गा ट्रेडर्स, लैलूंगा के गोदाम को सील कर दिया तथा वहां रखी 74 बोरी खाद जब्त कर ली। जांच में अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठान के खाद विक्रय पर 10 दिनों का प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
किसानों के हितों से समझौता नहीं…
कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में खाद की कृत्रिम कमी उत्पन्न करने, जमाखोरी करने अथवा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर बिक्री करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए। प्रशासन की प्राथमिकता किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए खाद वितरण व्यवस्था पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। किसी भी व्यापारी को किसानों की मजबूरी का लाभ उठाने नहीं दिया जाएगा।
आगे भी जारी रहेगा सघन निरीक्षण अभियान…
कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले के सभी विकासखंडों में खाद, बीज एवं अन्य कृषि आदानों के भंडारण और विक्रय की नियमित जांच जारी रहेगी। निर्धारित दर से अधिक मूल्य वसूली, जमाखोरी या कृत्रिम अभाव पैदा करने की शिकायत मिलने पर संबंधित विक्रेताओं के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कार्रवाई के दौरान उर्वरक निरीक्षक पवन उरांव, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी फुलेश्वर पैकरा सहित कृषि विभाग का अमला उपस्थित रहा।
जिला प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि खाद की कालाबाजारी, जमाखोरी या अधिक मूल्य वसूली की किसी भी सूचना को तत्काल प्रशासन तक पहुंचाएं, ताकि दोषियों के खिलाफ समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।


