युवा संगम कार्यक्रम पूर्णतः जनसहयोग से संपन्न, कोई शासकीय व्यय नहीं: सतीश यादव

सारंगढ़। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के नगर कार्यवाहक सतीश यादव ने युवा संगम कार्यक्रम के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था है। सारंगढ़ डिग्री कॉलेज परिसर में आयोजित “युवा संगम” कार्यक्रम की तैयारी पिछले एक माह से की जा रही थी, जिसकी जानकारी सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से आमजन और विशेष रूप से सारंगढ़ अंचल के छात्र-छात्राओं को दी गई थी।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में भाग लेने हेतु छात्र-छात्राओं से ₹50 का नाममात्र पंजीयन शुल्क लिया गया था, जिसकी जानकारी प्रतिभागियों को पूर्व में ही थी। सभी प्रतिभागियों ने अपनी स्वेच्छा से शुल्क जमा कर कार्यक्रम में सहभागिता की और आयोजन को सफल बनाया। कार्यक्रम कॉलेज के अवकाश दिवस रविवार को आयोजित किया गया, ताकि छात्रों की पढ़ाई पर किसी प्रकार का प्रभाव न पड़े।
श्री यादव ने स्पष्ट किया कि यह आयोजन जनभागीदारी समिति, महाविद्यालय के प्राचार्य एवं प्रशासन की पूर्व अनुमति से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का संपूर्ण व्यय समाज से एकत्रित सहयोग राशि से वहन किया गया, इसमें किसी भी प्रकार का शासकीय व्यय सम्मिलित नहीं था।
युवा संगम कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में भारतीय संस्कृति, सामाजिक समरसता, अनुशासन, चरित्र निर्माण एवं राष्ट्रसेवा की भावना को प्रोत्साहित करना रहा। इस अवसर पर युवाओं को सामाजिक दायित्वों के प्रति जागरूक करने एवं सकारात्मक राष्ट्रनिर्माण में उनकी भूमिका पर भी प्रकाश डाला गया।
उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना वर्ष 1925 में डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार द्वारा की गई थी। संघ एक स्वयंसेवी संगठन के रूप में शिक्षा, सामाजिक सेवा, आपदा राहत एवं सांस्कृतिक जागरूकता जैसे क्षेत्रों में निरंतर कार्य करता आ रहा है।


