कलेक्टर डॉ कन्नौजे की बड़ी कार्यवाही धान खरीदी में मनमानी करने वाले 4 निपटे

सारंगढ़ । समझाइश के बाद भी धान खरीदी में लापरवाही करने वालों को कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डॉ संजय कन्नौजे के निर्देश पर दण्डित किया गया है। जिले में चल रही धान खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही व अनियमितता बरतने वाले कर्मचारियों पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है । यह कलेक्टर के नेतृत्व में ग्रापं सचिव के निलंबन के बाद दूसरे दिन में दूसरी बड़ी कार्यवाही है।सहायक आयुक्त सहकारिता एवं सहायक पंजीयक सहकारी संस्थाएं द्वारा अलग – अलग आदेश जारी कर 4 कर्मचारियों पर दंडात्मक कार्यवाही की गई है। जांच टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि – इन समितियों में शासन के निर्देशों की घोर अवहेलना की जा रही थी, जैसे कि – धान का ढाला पद्धति से परीक्षण न करना और सीधे बोरे से तौल करना । साथ ही, कुछ जगहों पर स्टॉक में भारी गड़बड़ी पाई गई । सेवा सहकारी समिति लेंध्रा (पं.क्र.106) यहाँ के सहा. समिति प्रबंधक राम कुमार पटेल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। जाँच में पाया गया कि – केंद्र में भौतिक सत्यापन के दौरान 2145 नग धान भरे बोरे (वजन 858 क्विंटल) अधिक पाए गए, जो रिसाइक्लिंग और फर्जी परिवहन की ओर इशारा करते हैं । सतर्क ऐप से भी अलर्ट प्राप्त हुआ था ।
विदित हो कि – इस प्रकार सेवा सहकारी समिति कटेली (पं.क्र. 1563) के सहा. समिति प्रबंधक निलेश जायसवाल को भी निलंबित किया गया है। यहां निरीक्षण में पाया गया कि बार-बार निर्देश देने के बावजूद यहाँ ढाला पद्धति से धान का परीक्षण नहीं किया जा रहा था और सीधे बोरे में भरकर तौल की जा रही थी, जो घोर लापरवाही है। सेवा सहकारी समिति छिंद (पं.क्र. 171) केंद्र के धान उपार्जन केंद्र लिमगांव के समिति प्रबंधक (नवीन संवर्ग) मुकेश कुमार गुप्ता द्वारा शासन के निर्देशों के विपरीत कार्य करने और स्वेच्छाचारिता बरतने के कारण उनका वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया गया है। इसी केंद्र (लिमगांव) के फड़ प्रभारी खीकराम साहू को धान खरीदी कार्य में लापरवाही और मनमानी करने के चलते तत्काल प्रभाव से धान खरीदी कार्य से हटा दिया गया है । खरीफ विपणन वर्ष 25-26 के लिए धान खरीदी कार्य में संलग्न समस्त कर्मचारियों पर छग आवश्यक सेवा संधारण एवं विच्छिन्नता निवारण अधिनियम 1979 (एस्मा एक्ट) लागू है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि – धान खरीदी जैसे महत्वपूर्ण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शासन की छवि धूमिल करने वाले कृत्य को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाही जारी रहेगी।


