*मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं राज्यपाल रमेन डेका के हाथों डॉ. नागेंद्र वर्मा को मिली पीएचडी उपाधि*

36garhnewsupdate.comसारंगढ़। बिलाईगढ़ विकास खंड के ग्राम टुंडरी निवासी डॉ. नागेंद्र वर्मा ने कृषि के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर से पीएचडी की उपाधि प्राप्त की है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन को ध्यान में रखते हुए धान के कतार बोनी में खरपतवार प्रबंधन विषय पर शोध कार्य किया। यह शोध धान की खेती में किसानों के सामने आने वाली सबसे बड़ी समस्याओं में से एक खरपतवार नियंत्रण पर केंद्रित रहा। डॉ. वर्मा ने अपने शोध कार्य को तीन वर्षों में पूर्ण किया। उनके शोध में बदलते जलवायु परिस्थितियों के बीच धान की कतार बोनी पद्धति में खरपतवार प्रबंधन के प्रभावी उपायों का अध्ययन किया गया। कृषि विशेषज्ञों के अनुसार धान उत्पादन में खरपतवार एक बड़ी चुनौती है, जिससे उत्पादन प्रभावित होता है तथा किसानों की लागत भी बढ़ती है। ऐसे में यह शोध किसानों के लिए काफी उपयोगी माना जा रहा है।
रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्व विद्यालय में आयोजित दीक्षांत समारोह में राज्य पाल रमेन डेका , मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री राम विचार नेताम के हाथों डॉ. नागेंद्र वर्मा को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई । इस अवसर पर विश्व विद्यालय के अधिकारी, कृषि वैज्ञानिक एवं बड़ी संख्या में छात्र – छात्राएं उपस्थित रहे। वर्तमान में डॉ. नागेंद्र वर्मा बिलाईगढ़ विकास खंड में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। वे लगातार किसानों को आधुनिक खेती, उन्नत कृषि तकनीक एवं फसल प्रबंधन के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं। उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में खुशी का माहौल है तथा कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों ने इसे जिले के लिए गौरव की बात बताया है।
डॉ. वर्मा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों एवं परिवार के सहयोग को दिया है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास रहेगा कि शोध कार्य का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचे और धान उत्पादन कोअधिक लाभकारी बनाया जा सके।डॉ. नागेंद्र वर्मा की इस उपलब्धि पर क्षेत्रवासियों, कृषि विभाग अधिकारी, जनप्रतिनिधियों एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं।


