अति आत्मविश्वास और उपाध्यक्ष बनने की होड़ भाजपा को ले डूबी, लगा बड़ा झटका




नपा खैरागढ़ में उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान की कुर्सी रहेगी बरकरार
00 कांग्रेस नेताओं की बेहद सधी और कुशल रणनीति से कांग्रेस ने भाजपा को दिया बड़ा झटका
00 भाजपा के दो पार्षदों ने की क्रॉस वोटिंग, भाजपा चिंतन मनन में
खैरागढ़. अति आत्मविश्वास और पार्टी में पार्षदो के बीच उपाध्यक्ष बनने की होड़ भाजपा को ले डूबी और बड़ा झटका लगा. गौरतलब है कि नपा खैरागढ़ में उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान की कुर्सी अब बरकरार रहेगी जिसका पूरा श्रेय कांग्रेस नेताओं की बेहद सधी और कुशल रणनीति को जाता है जिसकी वजह से कांग्रेस ने शुक्रवार 31 जनवरी को भाजपा को बड़ा झटका दिया है. गौरतलब है कि नगर पालिका में भाजपा पार्षदों द्वारा नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान के विरुद्ध लाये गये अविश्वास प्रस्ताव पर शुक्रवार 31 जनवरी को फैसला हुआ. जानकारी अनुसार सुबह 11 बजे चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई और दोपहर 12.15 बजे फैसला आया, जिसमें सत्ताधारी पार्टी भाजपा की करारी हार ने सभी को चौंका दिया। पाठकों को बता दें कि वर्तमान में नगर पालिका खैरागढ़ में भाजपा के 13 व कांग्रेस के 7 पार्षद है और उपाध्यक्ष पद पर कब्जा करने के लिये भाजपा को सिर्फ एक वोट की जरूरत थी जिसके लिये वो कांग्रेस के 7 पार्षदों में सेंधमारी करने में जुटी थी और भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं सहित सभी लोग ये मान कर चल रहे थे कि सत्ताधारी पार्टी भाजपा आसानी से नपा उपाध्यक्ष खैरागढ़ के पद पर कब्जा कर लेगी वही गत दिनों भाजपा नेताओं ने भी दावा किया था कि हमारे पार्षद पूरी तरह एक जुट है और कांग्रेस के 2 से 3 पार्षद हमारे पक्ष में वोट करेंगे लेकिन विधायक यशोदा वर्मा के नेतृत्व में शहर कांग्रेस अध्यक्ष भीखम छाजेड़ द्वारा प्रभारी बनाये गये विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन और अरुण भारद्वाज ने भाजपा के किले में सेंधमारी करते हुए बड़ा झटका भाजपा को दिया और सत्ताधारी पार्टी के बड़े अरमानों पर पानी फेर दिया. इस अविश्वास प्रस्ताव सम्मेलन के पीठासीन अधिकारी अपर कलेक्टर सुरेन्द्र ठाकुर ने जब 12.15 बजे फैसला सुनाया तो सभी लोग हैरान हो गये और भाजपा के 13 पार्षदों में से 2 पार्षदों ने क्रॉस वोटिंग कर दी और 11 वोट ही अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में पड़े जबकि 9 वोट विरोध में पड़े जिससे उपाध्यक्ष पद पर भाजपा की बड़ी करारी हार हो गई वही चुनाव परिणाम की घोषणा के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता झूम उठे और जमकर नारेबाजी व आतिशबाजी की वही भाजपा की नपा अध्यक्ष गिरजा चंद्राकर सहित सभी पार्षद बहुत मायूस होकर वहां से चले गये।
विधायक के निर्देश पर मनराखन ने बनाई रणनीति, बड़े नेताओं का भी मिला पूरा साथ
खास बात ये है कि जब अविश्वास प्रस्ताव के एक दिन पहले विधायक यशोदा नीलांबर वर्मा के निर्देश पर शहर कांग्रेस अध्यक्ष भीखम छाजेड़ ने इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के पूर्व नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान की कुर्सी बचाने विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन को प्रभारी और अरुण भारद्वाज को सह प्रभारी बनाया तो उसके बाद कांग्रेस के कद्दावर नेता मनराखन देवांगन कुशल रणनीति बनाने में जुट गये और इसी का परिणाम रहा कि कांग्रेस ने भाजपा को चौंकाते हुये नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान की कुर्सी बचा ली और भाजपा को बड़ा झटका दिया. इस बड़ी जीत के बाद निश्चित रूप से विधायक प्रतिनिधि मनराखन देवांगन का कद पार्टी में और बढ़ेगा क्योंकि सत्ता धारी पार्टी को परास्त करने में उनकी बड़ी भूमिका रही और उन्होंने साबित कर दिखाया कि कोई भी जिम्मेदारी उन्हें देने पर वो पार्टी के लिये समर्पित होकर कार्य करते है.
अब्दुल रज्जाक के राजनीति में अपार अनुभव के साथ सरल सहज छवि भी काम आई
खास बात ये है कि नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान की कुर्सी बचाने में उनके राजनीति में तकरीबन 5 दशक के अपार अनुभव के साथ उनकी खुद की बेहद सरल सहज छवि भी काम आई और उनकी कुशल रणनीति से भाजपा भी धोखा खा गई.
कांग्रेस पार्षदों ने भी अब्दुल रज्जाक की कुर्सी बचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया
अविश्वास प्रस्ताव के गिरने में कांग्रेस पार्षदों क्रमशः वरिष्ठ पार्षद पुरुषोत्तम वर्मा, दिलीप लहरे, सुमन पटेल, नेता प्रतिपक्ष दीपक देवांगन, शत्रुहन धृतलहरे, टिकेश्वरी पटेल, पार्षद प्रतिनिधि दयाराम पटेल व राधे पटेल ने भी अपनी महती भूमिका निभाई और अब्दुल रज्जाक की कुर्सी बचाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया. नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक की कुर्सी बचाने में वरिष्ठ पार्षद पुरुषोत्तम वर्मा की भी बड़ी भूमिका रही. उन्होंने हमारे प्रतिनिधि को एक सप्ताह पहले ही कह दिया था कि अविश्वास प्रस्ताव के दौरान भाजपा को बड़ा झटका हम देंगे और आखिरकार उनकी बात सच साबित हुई.
नपा उपाध्यक्ष की कुर्सी बचाने बड़े नेता भी सक्रिय रहें
नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान की कुर्सी बचाने बड़े नेता भी सक्रिय रहें. विधायक यशोदा वर्मा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष भीखम छाजेड़, वरिष्ठ नेता सुनील पांडे, इस सम्मेलन के प्रभारी मनराखन देवांगन, सह प्रभारी अरुण भारद्वाज ने बड़ी भूमिका निभाई वही आखिर तक वरिष्ठ कांग्रेस नेता गुलाब चोपड़ा, राजकुमारी शताक्षी सिंह, पूरन सारथी, भरत चंद्राकर, राधे श्याम यादव, रविंद्र सिंह गहरवार गुड्डा, महेश यादव, अल्ताफ अली, पलाश सिंह, शेखर दास वैष्णव, रतन सिंगी व सोहैल अशरफ सहित सभी कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता डटे रहें जिसका परिणाम ये रहा कि सत्ताधारी पार्टी को बड़ा झटका लगा.
नगर में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है जिसकी वजह से भाजपा के पार्षद भी बहुत नाराज़ है और इसलिए हमें वोट किया- यशोदा वर्मा
अविश्वास प्रस्ताव गिरने और नपा उपाध्यक्ष अब्दुल रज्जाक खान की कुर्सी बचने के बाद विधायक यशोदा वर्मा ने कहा कि भाजपा के पार्षद भी कांग्रेस की नीति और कार्यों से प्रभावित होकर वोट किये है. उन्होंने कहा कि जब से भाजपा की प्रदेश में सरकार आई है तब से खैरागढ़ नपा अध्यक्ष के कार्यकाल में नगर में भ्रष्टाचार बहुत बढ़ गया है जिसकी वजह से भाजपा के पार्षद भी बहुत नाराज़ है और इसलिए दो भाजपा के पार्षदों ने हमें वोट किया. यशोदा ने कहा कि कांग्रेस संगठन, वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं की मेहनत की बदौलत ये हमारी बड़ी जीत है.
इस फैसले में हम आत्मचिंतन करेंगे कि ऐसा कैसे हुआ, क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों पर अनुशासन हीनता की बड़ी कार्यवाही की जायेगी- डॉ. बिशेसर साहू
अविश्वास प्रस्ताव गिरने और नपा उपाध्यक्ष पद में हार के बाद जिला केसीजी भाजपा के नव नियुक्त अध्यक्ष डॉ. बिशेसर साहू ने कहा कि ऐसा कैसे हुआ, इस फैसले में हम आत्मचिंतन करेंगे और पार्टी में जल्द बैठक कर क्रॉस वोटिंग करने वाले पार्षदों की पहचान होने पर अनुशासन हीनता की बड़ी कार्यवाही उनके खिलाफ की जायेगी.


