*शिक्षित बनों संगठित रहो और संघर्ष करो – ममता सिंह*


सारंगढ़ । डॉ अंबेडकर की 134 वीं जयंती नगर के गुरु घासीदास जन्म स्थल पर मनाई गई । कार्यक्रम के अतिथि जपं अध्यक्ष श्रीमती ममता सिंह ने डॉ. भीमराव अंबेडकर के जीवन परिचय बताते हुए यह बात कहीं कि – डॉ. अंबेडकर का जन्म मप्र के महू में हुआ था । डॉ. बी आर अंबेडकर वह शख्स हैं जिन्होंने भारत को उसका संविधान दिया , बाबा साहब को संविधान का शिल्पी कहा जाता है । उन्होंने सिर्फ संविधान निर्माण में सबसे अहम रोल अदा किया बल्कि समाज में दलितों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ शंख नाद कियें । दलित , पीड़ितों और पिछड़ों को उनका अधिकार दिलाने के लिए जीवनभर संघर्ष कियें उन्होंने हमेशा मजदूर व महिलाओं के अधिकारों का समर्थन कियें । अंबेडकर ने जीवन भर छुआछूत , जातिवाद, सामाजिक भेदभाव के खिलाफ संघर्ष किया ।
ममता ने आगे कहा कि – डॉ. अंबेडकर ने शिक्षा को सबसे बड़ा हथियार बतायें व कहा शिक्षित बनों , संगठित रहो और संघर्ष करो , एक रोटी कम खाओ लेकिन अपने बच्चों को पढ़ाओं । शिक्षा वह शेरनी है जिसके दूध पीने से व्यक्ति दहाड़ता है कार्य क्रम में सतनामी विकास परिषद के पदाधिकारी प्रदेश क्रांतिकारी शिक्षक संघ के अध्यक्ष लैलून भारद्वाज के साथ अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे । जनपद अध्यक्ष श्रीमती ममता को मैंमोन्टों देकर सम्मानित किया गया ।


