जपं अध्यक्ष श्रीमती सिंह का जनता के नाम पति *

सारंगढ़ । कुछ दिनों से नगर की राजनीति में भूचाल समाया हुआ है । चंद लोगों को जो समझ आ रहा है, वो लिख व बोल रहें है जो पूर्ण तया निरर्थक और गलत अफवाह फैलाकर मुझे बागी गद्दार न जाने कैसे उलाहना देकर मेरी साफ सुथरी छवि को धूमिल करने में लगे हुए है । भोली भाली जनता तो वहीं समझ पाती है जो उन्हें बताया व समझाया जाता है पर आज में उसी आम जनता को अपने बारे में यह बताना चाहती हूं कि – मैं कोई बहुत बड़ी नेता नहीं हूं। मैं तो आप के ही बीच की एक बहुत ही सामान्य कार्यकर्ता हूँ । जो पार्टी के प्रति पूर्णतः 18 वर्ष की आयु से अपनी पार्टी के लिए पूर्णतया समर्पित एक छोटी सी कार्यकर्ता व समाज सेविका हूँ । कालेज में मैंने कोषाध्यक्ष बनकर , लांयनेस क्लब में सचिव बनकर और वर्तमान में भी व्ही क्लब की सदस्य बनकर, पर्यावरण संरक्षण समिति में प्रदेश महा सचिव बनकर , समाज की भलाई में अपना योगदान दिया । सन् 2010 में जनपद सदस्य व 2020 में सरपंच बनकर गाँव में सेवा दी और अनवरत अपनी पार्टी कार्यों को आगे बढ़ाने में लगी रही । मेरे पति राजीव सिंह ने गाँव के एक-एक व्यक्ति को पार्टी से और पार्टी की नीतियों से जोड़ने में तन – मन -धन से अपना योगदान किया । आप बताइये क्या में 24 साल की सेवा देने के बाद भी जनपद अध्यक्ष बनने की हकदार नही थी । मैं चंद लोगों की चालाकियों का शिकार हो रही रही थी किसी और के लिए मेरी योग्यता को नकार कर , मेरे राजनीतिक कैरियर की बलि चढ़ाई जा रही थी । तो क्या इसका विरोध करने का हक नही था । मेरे इस आधा घंटे के निर्णय में सिर्फ मेरे कुछ युवा भाई , बहनों का साथ मिला। जिन्होंने मुझे योग्य समझा और मुझे चुना ।
विदित हो कि – यदि यह पूर्व नियोजित होता तो हम सरायपाली से 20 मिनट में सारंगढ़ नहीं आते आखिरी के 5 मिनट में नामांकन दाखिल नही करते । सारी अफवाहें जो फैलाई गई पार्टी विरोधी कार्य , दो दिन पूर्वा नियोजित कार्य इन सारी बातों का मैं खंडन करती हूँ । पार्टी के वरिष्ठ लोगो द्वारा मुझे और मेरे पति को पार्टी से निष्कासित किया गया बगैर, मेरा, पक्ष जाने , जज साहब भी किसी को सज़ा सुनाते तो दोनों पक्ष को सुनने है, मैं भी अपनी पार्टी के लोगों से पूछना चाहती हूं की क्यों आपकी जिम्मेदारी, जवाब दारी नहीं बनती थी कि -आप निर्णय सुनाने से पहले मुझे बुलाकर मेरा पक्ष सुनते । मैं इस लेख के माध्यम से उन विरोधी भाईयों से अपील करना चाहती हूँ की बिना साक्ष्य के मेरी छवि धूमिल करने की कोशिश ना करें । मैं भी विधिवत कार्यवाही के लिए बाध्य होऊँगी। मैं अपने बचे हुए जीवनकाल में हमेशा अपने गांव, अपने शहर अपने प्रदेश और अपने देश की सेवा करती रहूँगी । चाहे जिस भी रूप में मुझे मौका मिले । जो सोशल मिडिया में मुझ पर इल्जाम लगा रहे , वे खुद पार्षद चुनाव में पार्टी विरुद्ध चुनाव लड़े अन्य के समर्थन में , नगर पालिका, विधान सभा, चुनाव में पार्टी विरुद्ध काम किए , आज वे हम पर इल्जाम लगा रहे हैं ।


