सचिव संघ के बाद मनरेगा कर्मचारी भी गयें हड़ताल में

सारंगढ़ । जनपद पंचायत के सचिव संघ अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर है वही 26 मार्च से अपनी मांगों को लेकर मनरेगा कर्मचारी , अधिकारी हड़ताल पर चले गए हैं । जिन्हें पांच माह से मनरेगा कर्मियों, अधिकारी कर्मचारी, ग्राम रोजगार सहायकों का वेतन भुगतान आज दिनांक तक लंबित है। तदसंबंध में संदर्भित पत्र के माध्यम से उप मुख्यमंत्री , पंचायत मंत्री छग शासन, आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा एवं प्रमुख सचिव, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को मनरेगा कर्मियों की सेवा सुरक्षा हेतु मानव संसाधन नीति लागू करने, हड़ताल अवधि का वेतन भुगतान एवं मनरेगा कर्मियों से मनरेगा के अलावा अन्य कोई काम नहीं लेने के संबंध में ज्ञापन सौंपा गया था। छग मनरेगा कर्मचारी महा संघ के द्वारा उपमुख्यमंत्री , पंचायत मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त महात्मा गांधी नरेगा एवं सर्व जिला कलेक्टर को 4 सूत्रीय मांगों संग हड़ताल में जाने की सूचना प्रेषित की गई है।
मगांधी नरेगा योजनांतर्गत कार्यरत कर्मियों की तत्कालीन मांगे नियमिती करण की प्रक्रिया पूर्ण होने तक मनरेगा कर्मी के सेवा एवं सामाजिक सुरक्षा हेतु मानव संसाधन नीति तत्काल लागू किया जावे। पूर्व में किये गये हड़ताल अवधि का वेतन , मानदेय तत्काल प्रदान करें। विगत 3 – 5 माह से लंबित वेतन, मानदेय का तत्काल भुगतान किया जावे तथा प्रतिमाह 1 से 5 तारीख के मध्य वेतन , मानदेय भुगतान किया जावे। जपं महात्मा गांधी नरेगा योजना के अलावा अन्य कोई कार्य न लिया जावे । 4 उपरोक्त मांग पूरी होने तक मनरेगा कर्मियों से केन्द्र व राज्य शासन के निर्देशानुसार छग मनरेगा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर उक्त दिनांक 26, 27 एवं 28 मार्च 2025 को राज्य, जिला ब्लॉक स्तरीय समस्त मनरेगा कर्मियों के 3 दिन सांकेतीक हडताल में जाने तथा हमारी मांगे पूरी नही किये जाने पर निकट भविष्य में अनिश्चितकालिन हडताल में जाने हेतु बिलय होने की सूचना आपकी ओर सादर प्रेषित है।
[3/26, 7:50 PM] Omkar Kesharwani Chhattisgarh Press: धान संग्रहण केंद्र हरदी की खुली पोल,लाखों बोरियां झमाझम बारिश में भीगे
सारंगढ़ बिलाईगढ़। जिले में लगातार धान खरीदी मामले निकल कर सामने आ रहे जिसमें जिला कलेक्टर ने लापरवाह और फर्जीवाडा करने वाले समितियों पर एफआईआर तक दर्ज करवा रहे हैं जिले के उपार्जन केंद्र के बाद अब संग्रहण केन्द्र सुर्खियो में है जहा लापरवाही की ऐसी पोल खुल रही जहां हजारों बोरियों धान भीगकर सड़ने के कगार पर रहे । सारंगढ़ हरदी हवाई पट्टी के नाम से मशहूर स्थान अभी वर्तमान में धान को सुरक्षित रखने के लिए जिला प्रशासन ने धान संग्रहण केंद्र बनाया है । जहां लगभग 800 स्टेक धान का ढेरी लगा है । जिसमे एक स्टेक में लगभग 3000 बोरी धान को रखा गया है लेकिन खुले आसमान के नीचे विगत दो रातो की बारिश ने संग्रहण केंद्र की पोल खोल दी है ।अव्यवस्था के कारण हजारों बोरियां धान बारिश में भीगे वही जब वहीं मार्कफेड के मौजूद कर्मी दीपक शुक्ला से जब पूछा गया तो उनका कहना था कि – 800 में लगभग 40 से 50 स्टेक नही ढका था और वही कुछ ढके हुए स्टेक की त्रिपाल तेज हवा में उड़ गया , जिससे धान भीग गया कहते। अपना पल्ला झाड़ लिया वही अगर आप एक स्टेक में 3000 बोरियां है तो खुले में 40 से 50 स्टेक थे जिसे नही ढके थे । रात में बारिश हुई और हजारों बोरियां धान भीगते रहे। मार्कफेड की लापरवाही समाने आई जहा खुले में लगभग हजारों बोरियां धान बारिश में भीगा ।
धान संग्रहण केन्द्र की पूरी जवाबदारी और जिम्मेदारी डीएमओ शीतल भोई की है लेकिन साहब को तो संडे की छुट्टी से फुरसत नहीं , कहा अपना ध्यान धान संग्रहण केन्द्र में केंद्रित करते वही मिडिया की टीम ने जब उन्हे दूरभाष के माध्यम से सम्पर्क कर जानकारी चाहें और पक्ष जानने की कोशिश की गई तो साहब फोन उठाना तक मुनासिफ नही समझा । वही जिला प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेती है ये वक्त बताएगा , फिलहाल घोर लापरवाही चल रहा संग्रहण केन्द्र हरदी में । सिर्फ दो दिन की बारिश हजारों बोरियां भीग गई धान , कही बारिश बढ़ जाता तो क्या स्थिति होती फिलहाल डीएमओ की देखरेख पूरी लापरवाही दिख रही है लेकिन जब जांच होगी , कार्यवाही होगी तो छोटे कर्मचारी डेली बिजनेश जैसे कर्मचारियों को लताड़ दिया जाएगा और जिम्मेदार अधिकारी को खुला छोड़ दिया जाएगा । फिलहाल कलेक्टर धर्मेश साहु एक्शन मोड़ पर है धान खरीदी और संग्रहण केंद्रों की लापरवाही नजरंदाज नहीं कर सकते ?


