हजारों लोगों ने स्वामी जी से पाया समस्या का समाधान, गुरु दीक्षा लेकर सनातनी परंपरा में लौटे सैकड़ों लोग

अंबागढ़ चौकी के क्रिकेट स्टेडियम में आयोजित धर्म संसद में जगतगुरु नरेन्द्राचार्य जी महाराज ने विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए “हिंदू एकता” का मंत्र दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि वर्तमान समय में अपनी संस्कृति और धर्म की रक्षा के लिए सभी हिंदुओं का एकजुट होना परम आवश्यक है।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘समस्या मार्गदर्शन’ सत्र रहा, जहां हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर जगतगुरु के दर्शन किए और अपनी समस्याओं का निवारण पाया। स्वामी जी ने लोगों को आध्यात्मिक उपायों के साथ जीवन जीने की सही राह दिखाई।


इस धार्मिक समागम में जिले के 200 लोगों ने स्वेच्छा से ‘घर वापसी’ की। जगतगुरु नरेन्द्राचार्य जी ने इन सभी को गुरु दीक्षा देकर आशीर्वाद दिया और गले लगाया। दीक्षा प्राप्त करने वालों ने संकल्प लिया कि वे अब आजीवन सनातन धर्म के नियमों का पालन करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान, जगतगुरु नरेन्द्राचार्य जी ने कहा कि हिंदू धर्म की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए सभी हिंदुओं को एकजुट होना होगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिंदू धर्म को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, और इन चुनौतियों का सामना करने के लिए हिंदुओं को एकजुट होना होगा।
कार्यक्रम में शामिल हुए लोगों ने जगतगुरु नरेन्द्राचार्य जी के संदेश को सुनने के बाद अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जगतगुरु जी का संदेश बहुत ही प्रेरणादायक है, और वे इसे अपने जीवन में उतारने का प्रयास करेंगे।
*विशेष कॉलम:*
*बॉक्स हेडलाइन:* धर्म रक्षक की भूमिका में दिखीं रेणु टांडिया: 100 लोगों की कराई घर वापसी, साहू भवन से स्टेडियम तक रैली की अगुवाई
इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता में जनपद सदस्य मानपुर, रेणु टांडिया की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने धर्म जागरण की मिसाल पेश करते हुए सुदूर वनांचल क्षेत्रों से 100 ऐसे लोगों को मुख्यधारा में वापस लाने का कार्य किया, जो किन्हीं कारणों से धर्म से विमुख हो गए थे। रेणु टांडिया स्वयं इन सभी को लेकर दीक्षा स्थल तक पहुंचीं।

कार्यक्रम से पूर्व साहू भवन से क्रिकेट स्टेडियम तक एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस रैली की कमान पूरी तरह से मातृशक्ति के हाथों में रही। जनपद सदस्य रेणु टांडिया और महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष संगीता मिश्रा ने रैली की अगुवाई की। हाथों में भगवा ध्वज और जुबां पर जयकारे के साथ जब यह रैली नगर भ्रमण करते हुए स्टेडियम पहुंची, तो पूरा माहौल धर्ममय हो गया। रेणु टांडिया के इस प्रयास की जगतगुरु और उपस्थित संत समाज ने भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की।