गांव की सरकार ने पंचायत परिसर में मनाई बाबा साहब की 135 वी जयंती….

सारंगढ़ । सारंगढ़ 14 अप्रैल 2026
संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 135वीं जयंती सोमवार को कोसीर ग्राम पंचायत परिसर में गांव की सरकार द्वारा पूरे सम्मान और हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर पंचायत भवन से लेकर गांव के हृदय स्थल तक बाबा साहब को याद किया गया।
सर्वप्रथम ग्राम पंचायत भवन परिसर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सरपंच श्रीमती सुमन राव, उप सरपंच श्रीमती लता बनज, अधिवक्ता पोलेश्वर बनज, सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र राव, संदीप बनज ,श्याम कुमार पटेल , शिव कुमार कुर्रे ,लालिमा पटेल ,गुरबारू ,अजय खूंटे , नीलम आदित्य, बलि राम सुमन , गणेश आजाद ,ग्राम सचिव शोभा सिंदर पंचगण एवं पंच प्रतिनिधियों की उपस्थिति में बाबा साहब के तैलचित्र पर माल्यार्पण कर अगरबत्ती प्रज्ज्वलित किया गया।
इसके बाद पंचायत परिसर में विशेष ग्राम सभा का आयोजन किया गया। ग्राम सभा में बाबा साहब के जीवन संघर्ष और संविधान निर्माण में उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। सरपंच श्रीमती सुमन राव ने अपने अपने बात चित में कहा, “बाबा साहब ने हमें समानता और न्याय का अधिकार दिया है। पंचायत स्तर पर हमारा कर्तव्य है कि उनके सपनों के अनुरूप गांव का विकास करें और अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाएं।”
उप सरपंच श्रीमती लता बनज ने कहा कि बाबा साहब का ‘शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो’ का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। हमें बेटियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा, तभी सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
ग्राम सभा के समापन के बाद गांव की सरकार और उनके प्रतिनिधि कोसीर गांव के हृदय स्थल पहुंचे, जहां स्थापित बाबा साहब की प्रतिमा पर सभी ने पुष्प माला पहनाकर उन्हें नमन किया। अधिवक्ता पोलेश्वर बनज ने इस दौरान कहा कि संविधान ने पंचायतों को जो अधिकार दिए हैं, उसके पीछे बाबा साहब की दूरदर्शिता है। गांव की सरकार को संवैधानिक मूल्यों के साथ काम करना चाहिए।
सरपंच प्रतिनिधि राजेंद्र राव ने युवाओं से अपील की कि वे बाबा साहब के विचारों को पढ़ें और समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने में सहयोग दें। कार्यक्रम में पंचगणों ने भी अपने विचार रखे और संकल्प लिया कि पंचायत को भेदभाव मुक्त और विकासशील बनाया जाएगा।
कार्यक्रम में पंचायत के सदस्य व ग्रामीण, युवा उपस्थित रहे। अंत में पंचायत भवन प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरे आयोजन के दौरान गांव में सामाजिक समरसता और उत्साह का माहौल देखने को मिला।


