रायपुर

*छत्तीसगढ़ में रचा गया इतिहास: मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के तहत 6,412 जोड़े  परिणय सूत्र बंधे:: ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में हुआ दर्ज*



रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर का साइंस कॉलेज मैदान आज एक ऐतिहासिक कीर्तिमान का साक्षी बना। मुख्यमंत्री सामूहिक कन्या विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित भव्य कार्यक्रम में प्रदेशभर के 6,412 जोड़ों ने एक साथ वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। इस अभूतपूर्व आयोजन को ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में स्थान मिला है। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय रहे। उनके साथ धरसींवा विधायक अनुज शर्मा भी उपस्थित थे। विवाह के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश को स्वस्थ और सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ‘कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’ अभियान की विधिवत शुरुआत की।
इस अवसर पर विधायक अनुज शर्मा नें कहा कि आज का दिन मेरे लिए सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक पारिवारिक उत्सव जैसा है। आज जब मैं अपने सामने इन 6,412 बेटियों को नए जीवन की शुरुआत करते देख रहा हूँ, तो मेरा हृदय गर्व और संतोष से भर गया है। मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना केवल एक योजना नहीं है, बल्कि यह इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार बेटियों को बोझ नहीं, बल्कि प्रदेश की शान मानती है। अक्सर लोग कहते हैं कि बेटी की विदाई सबसे भारी पल होता है, लेकिन आज जब सरकार और प्रशासन इन बेटियों के ‘मायके’ की भूमिका निभा रहे हैं, तो यह बोझ खुशियों में बदल गया है।आज एक साथ 6,412 बेटियों का परिणय सूत्र में बंधना एक ऐतिहासिक कीर्तिमान है यह आयोजन ‘गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स’ में दर्ज हुआ। यह संख्या केवल एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि 6,412 परिवारों के सपनों के साकार होने की कहानी है। यह उन पिताओं के आत्मसम्मान की जीत है, जो अपनी बेटियों की शादी की चिंता में रात भर सो नहीं पाते थे। मैं सभी नव-विवाहित जोड़ों को अपनी ओर से ढेर सारी शुभकामनाएँ देता हूँ। आप सभी एक नए अध्याय की शुरुआत कर रहे हैं। मेरी कामना है कि आपका जीवन सुख, समृद्धि और आपसी सामंजस्य से भरा रहे। बेटियों, याद रखना—आपका यह भाई और आपकी सरकार हर कदम पर आपके साथ खड़ी है। मैं हमारे यशस्वी मुख्यमंत्री जी का हृदय से आभार व्यक्त करता हूँ, जिन्होंने इस दूरदर्शी योजना के माध्यम से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सिर से आर्थिक चिंता का पहाड़ हटा दिया है।आज विवाह के मंगल गीतों के साथ-साथ हमने एक और पवित्र संकल्प लिया है—’कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़’। जब हमारी बेटियाँ सशक्त और स्वस्थ होंगी, तभी एक सशक्त समाज और सशक्त छत्तीसगढ़ का निर्माण होगा।”अंत में, मैं बस इतना ही कहूँगा कि बेटियाँ समाज की नींव हैं। जब बेटी खुशहाल होती है, तो पूरा प्रदेश खुशहाल होता है। आइए, हम सब मिलकर इन बेटियों को उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय,महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े,तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ,विधायक अनुज शर्मा,पुरंदर मिश्रा, मोतीलाल साहू,सुनील सोनी,संपत अग्रवाल,बीज निगम अध्यक्ष चंद्रहास चंद्राकर सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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