SARANGARH-BILAIGARH

अंत्योदय व एकात्मक मानवतावाद के प्रणेता थे दीनदयाल – सुभाष



सारंगढ़ । भारतीय जनसंघ के संस्थापक सदस्य रहे पं. दीनदयाल उपाध्याय की पुण्यतिथि पर जिला भाजपा कार्यालय में श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया जिसमें भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता भारतीय परिधान पर दिखाई दिए । दीनदयाल जी के छायाचित्र पर धूप दीप प्रज्वलित कर माल्यार्पण किया गया ।कार्यक्रम मे जिला भाजपा अध्यक्ष ज्योति पटेल, जिला पंचायत अध्यक्ष संजय भूषण पांडे, पूर्व भाजपा अध्यक्ष, प्रखर वक्ता सुभाष जालान, वरिष्ठ भाजपा नेता जगन्नाथ केसरवानी, भुवन मिश्रा, देवेंद्र रात्रे , अजय जवाहर नायक, मनोज जायसवाल , मनोज मिश्रा, ठाकुर साहब जिपं सभापति,  देवेंद्र रात्रे , डॉ. दिनेश जांगड़े , प्रदेश प्रवक्ता पूर्व विधायक कामता जोल्हे, डीडीसी श्रीमती अनिल शिव कुमारी साहू, परिमल चंद्रा के साथ ही साथ सैकड़ो भाजपा भारतीय परिधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय को श्रद्धांजलि दिए ।

प्रखर वक्ता सुभाष जालान ने पं. दीनदयाल उपाध्याय के व्यक्तित्व पर अपना उद्बोधन देते हुए कहे कि – अंत्योदय और एकात्म मानवतावाद के प्रणेता , महान राष्ट्र चिंतक  पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिश नमन करते हुए मैं यह बताना चाहूंगा कि – अंतिम पंक्ति पर खड़े व्यक्ति का विकास ही राष्ट्र के विकास का प्रमुख आधार है । ऐसा विचार देने वाले दीनदयाल जी असंख्य पीडितो के लिए राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा बने ।एकात्म मानववाद के प्रणेता हमारे प्रेरणा स्रोत , श्रद्धेय पंडित दीनदयाल जी की पुण्यतिथि पर यही कहूंगा कि – उनका तपस्या पूर्ण जीवन , देश के सेवा के लिए आजीवन समर्पित रहा । राष्ट्र के पुनर्निर्माण की उनकी विचारधारा सदियों तक प्रेरित करती रहेगी । सुभाष भाई ने आगे कहा कि – डबल इंजन सरकार में सबका साथ सबका विकास की भावना उनके चिंतन की ही जीताजागता अभिव्यक्ति है । पंडित जी के आदर्शों से प्रेरित होकर प्रदेश सरकार गरीब , किसान , नारी और अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए पूरी तरह से संकल्पित है ।जगन्नाथ केसरवानी ने कहा कि – संघ के स्वयंसेवक , भारतीय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तक का पंडित दीनदयाल उपाध्याय ने सफर किया । उनकी वैचारिक और संगठनात्मक योगदान भारतीय राजनीति में एक मूल्यपरक दृष्टि का परिचायक है । अंत्योदय और एकात्म मानववाद के माध्यम से उन्होंने राष्ट्र निर्माण को सामाजिक समरसता , सेवा और आत्मनिर्भरता से जोड़ा ।ऐसे देव तुल्य महामानव के पुण्यतिथि पर उनके विचारों और सार्वजनिक जीवन के प्रति कृतज्ञ स्मरण करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं ।

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