नंदा चौक से तहसील आफिस तक सार्वजनिक शौचालय व सडक नदारद

सारंगढ़। नगर के हृदय स्थल नंदा चौक से तहसील कार्यालय तक का मार्ग प्रशासनिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र माना जाता है। इसी मार्ग पर तहसील, न्यायालय सहित अनेक शासकीय कार्यालय स्थित हैं, जहां प्रतिदिन सैकड़ों नागरिक—महिलाएं, बुजुर्ग, दिव्यांगजन एवं दूर-दराज से आए ग्रामीण—अपने कामकाज के लिए घंटों तक प्रतीक्षा करते हैं। लेकिन हैरानी की बात यह है कि इस पूरे व्यस्त और महत्वपूर्ण मार्ग पर एक भी सार्वजनिक शौचालय की व्यवस्था नहीं है।
शौचालय के अभाव में नागरिकों को रोज़ाना भारी असुविधा और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ रहा है। यह समस्या केवल सुविधा की नहीं, बल्कि मानवीय गरिमा और सम्मान से जुड़ा गंभीर विषय बन चुकी है। खासकर महिलाओं के लिए हालात अत्यंत पीड़ादायक हैं, जिन्हें मजबूरी में इधर-उधर स्थान तलाशना पड़ता है। यह स्थिति किसी भी सभ्य और विकसित नगर के लिए शर्मनाक कही जाएगी।
चुनाव के समय जनता से किए गए वादे आज फाइलों तक सीमित नजर आ रहे हैं। वार्ड पार्षदों की चुप्पी भी इस समस्या को और गंभीर बना रही है।
सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब प्रशासनिक मार्ग पर ही बुनियादी सुविधा उपलब्ध नहीं है, तो शहर के अन्य मोहल्लों की स्थिति क्या होगी?
नगर पालिका और संबंधित जनप्रतिनिधियों को इस मुद्दे पर तत्काल संज्ञान लेना चाहिए ।भारत माता चौक से तहसील आफिस तक नया सी सी रोड बनना बताया जाता है किंतु हकिकत कुछ और है नंदा चौक से तहसील कार्यालय तक सी सी रोड बना ही नही है ।


