खर्री बड़े पंचायत में लाखों के बोर खनन कार्य संदेह के घेरे में
निजी भूमि पर कार्य कराए जाने का आरोप, ग्रामीणों ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

सारंगढ़। जनपद पंचायत सारंगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत खर्री बड़े एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर विवादों में घिरती नजर आ रही है। पंचायत में वर्ष 2019-20 एवं 2020-21 के दौरान कराए गए बोर खनन एवं पंप स्थापना कार्यों में व्यापक अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं।
उपसरपंच, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) को लिखित शिकायत सौंपते हुए पूरे मामले की स्वतंत्र एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि वर्तमान पंचवर्षीय कार्यकाल में प्रथम सम्मेलन दिनांक 03 मार्च 2025 से पूर्व ही उक्त बोर खनन सह पंप स्थापना कार्य कराए गए थे, लेकिन इन कार्यों की वास्तविक स्थिति और शासकीय अभिलेखों में दर्ज विवरणों में भारी अंतर होने की आशंका है।
आरोप है कि कई कार्यों के प्राक्कलन बिना निष्पक्ष स्थल निरीक्षण एवं तकनीकी सत्यापन के तैयार किए गए, जिससे शासकीय राशि के दुरुपयोग की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया है कि बोर खनन एवं पंप स्थापना के कुछ कार्य सार्वजनिक भूमि के बजाय निजी भूमि पर कराए गए, जो शासन के नियमों एवं दिशा-निर्देशों के स्पष्ट रूप से विपरीत है। बताया गया कि जिन स्थलों पर बोर खुदवाए गए, वे पंचायत की सार्वजनिक संपत्ति के रूप में दर्ज नहीं हैं, इसके बावजूद वहां शासकीय धन का उपयोग किया गया।
ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि—
पूरे प्रकरण की स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए,
जांच पूर्ण होने तक संबंधित कार्यों के भुगतान पर तत्काल रोक लगाई जाए,
दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र प्रभावी कार्यवाही नहीं की गई तो वे कलेक्टर, जिला पंचायत एवं अन्य उच्च अधिकारियों से शिकायत करते हुए जनहित में आंदोलन करने को विवश होंगे।


