*राज्य का बजट भी केंद्रीय बजट की तरह खोखला होगा, जन अपेक्षाएं भाजपा की प्राथमिकता में है ही नहीं*

रायपुर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि राज्य का आने वाला बजट जनांकांक्षाओं को पूरा नही कर पायेगी। केंद्रीय बजट की तरह ही राज्य का बजट भी खोखला होगा, जिसमें सिर्फ आंकड़ो का मायाजाल होगा, जो वास्तविकता से कोसो दूर होगा। भाजपा सरकार के विगत दो साल के बजट ने न मोदी की गारंटीयों को पूरा कर पायी, न ही शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार देने में सफल हुई है, स्थिति यह है कि पिछली बजट में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, जल और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मदों से जुड़े आठ विभागों में लगभग 65 हजार करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया था, लेकिन सरकार की दुर्भावना के चलते केवल 55 हजार करोड़ ही खर्च हो सके, अर्थात 10 हजार करोड़ रु खर्च ही नही किया गया, इससे समझ आता है कि सरकार को जनसरोकार से कोई लेना देना नही है इस सरकार में बजट केवल कागजी आंकड़ा बन कर रह गया है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि भाजपा सरकार की पॉलिसी कर्ज लो औऱ घी पीयो की है, एक ओर जनता को मिलने वाली वास्तविक राहत और रियायत की योजना को बंद कर दिया गया, दूसरी ओर जनता पर व्यवभार बढ़ा दिया गया। जनता की आय बढ़ाने के लिए सरकार के पास कोई योजना नही है। जिस गति से यह सरकार हर महीना कर्ज पर कर्ज ले रही है, प्रदेश में नवजात जन्म लेते ही 65 हजार रु का कर्जदार बन जाता है। प्रदेश की खनिज संपदा का अंधाधुंध दोहन भाजपा के मित्र पूंजीपति कर रहे है, खनिज संपदा का लाभ प्रदेश को नही मिल रहा है। 65 हजार शिक्षकों के पद रिक्त है, पुलिस विभाग में बल की कमी है, भर्ती नही हो रही है। व्यापारियों को जीएसटी से राहत देने कोई योजना नही है, पेट्रोल डीजल में मनमाना टैक्स लेकर जनता की जेब ढीली की जा रही है।बिजली बिल हाफ योजना में 400 यूनिट की छूट खत्म करके बिजली की दरें महंगी कर दी गई। सभी किसानों से धान खरीदी नही हुई, खाद संकट रहा है, सरकारी अस्पताल सुविधाओ के अभाव में खुद बीमार है, आयुष्मान योजना में ईलाज का निजी अस्पतालों को भुगतान नही हो पा रहा है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट की मांग पूरा नही कर पा रही है। स्वच्छ पेयजल के लिए लोग तरस रहे। इस सरकार के पास कोई ऐसी योजना नही है जिसे वर्तमान में प्रदेश को लाभ हो।


